Soni Sori जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

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ST NEWS टीम से आदिवासियो की शेरनी Soni Sori जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। सोनी सोरी आदिवासीय के लिए खुदोको तेजाब से हमला से लेकर, जेल, पुलिसिया प्रताड़ना, बर्बरता, अंग में पत्थर तक डाल दिये जाने के बावजूद अपने जान को जोखिम में डालकर आदिवासियों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहीं आदिवासी शेरनी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई व हुल जोहार।





प्रदेशवासियों को भी गर्व करना चाहिए कि Soni Sori जैसी महिलाएं आज समाज में है और अपने कर्तव्य एवं सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रहे एवं नैतिक मूल्यों को बचाकर रखें हैं।




आदिवासियो की शेरनी Soni Sori जी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई व हुल जोहार।





Soni Sori एक आदिवासी कार्यकर्ता है साथ ही वह नारी अधिकारों की रक्षक है, जो छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर इलाके में काम करती है। यहां वह और उनके सहकर्मी, अर्धसैनिक दल और पुलिस द्वारा हिंसा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष करते हैं। उन्होंने भारत के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में राज्य-प्रायोजित दुर्व्यवहार जैसे- घर जलाना, बलात्कार और बिना वजह आदिवासिओं को यातना देना और उनका यौन-शोषण करना आदि के विरोध में संलेख पत्र तैयार किये और इन गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष किया है।





सुरक्षा दलों ने उनके इन कार्यों के प्रतिशोध में, सोनी को हिरासत में बंद कर कई तरह की अमानवीय यातनायें दी और उनके शरीर में पत्थर डाल कर घंटों तक यंत्रणा दी। उसने दो सालों से ज्यादा कारावास में बिताये है। कुछ सालों बाद कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर रसायन डाला जिससे उनके चहरे की चमड़ी जल गई। इतना ही नहीं, उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने सुरक्षा बलों द्वारा किये गए बलात्कारों के खिलाफ वकालत करनी नहीं छोडी, तो उनकी बेटियों का भी ऐसा ही हश्र होगा, किन्तु उन्होंने अपने कार्य के प्रति अडिगता दिखाते हुए काम बंद करने से इंकार किया है और आज भी वह धमकी, अभित्रास और बदनामी के बावजूद उन खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों में जाकर पीढित ग्रामीणों से बातचीत करती है और उनके लिए न्याय व मानवाधिकारों के लिए शासन प्रशासन के खिलाफ आवाज़ उठाती हैं।





प्रदेशवासियों को भी गर्व करना चाहिए कि सोनी सोरी जैसी महिलाएं आज समाज में है और अपने कर्तव्य एवं सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रहे एवं नैतिक मूल्यों को बचाकर रखें हैं। बस्तर एवं सुदूर आंचलिक क्षेत्रों के हालात कैसे हैं, इसका सच देश दुनिया के सामने लाने का पराक्रम, अन्याय व अत्याचार के विरूद्ध आवाज़ बुलंद करना आसान नहीं।


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