पूरे पश्चिम बंगाल में फर्जी एसटी प्रमाण पत्र को लेकर केंद्रित ओर आदिवासियों के बीच आक्रोश की आग जंगल की आग की तरह फैल रही है।

 

West Bengal Scheduled Tribe Welfare Associatio
Fight for st Reservation नारे को ध्यान में रखते हुए, West Bengal Scheduled Tribe Welfare Association शनिवार और रविवार, 5 और 6 दिसंबर को हुगली, हावड़ा, बीरभूम, पश्चिम बर्दवान, दक्षिण दिनाजपुर और मुर्शिदाबाद में बैठक चर्चा होगा।रविवार, 6 दिसंबर को सुबह 11 बजे हुगली में अंबेडकर भवन, रवींद्रनाथ बाजार, चुंचुरा; आदिवासी रेलवे कर्मचारी मनोरंजन और सांस्कृतिक संघ हावड़ा में दोपहर 1 बजे। बक्सरा, संतरागाछी में (संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास); टीडीसीसी कार्यालय, अब्दरपुर के पास, दोपहर 1 बजे बीरभूम में सूरी;


पश्चिम बर्दवान में दोपहर 2 बजे डीपीएल मार्तला जहीर के मैदान (दुर्गापुर प्रोजेक्ट्स बॉयज़ हाई स्कूल के सामने); गोविंदपुर रेलवे स्टेशन पार्टी कार्यालय के सामने दक्षिण दिनाजपुर में दोपहर 1 बजे और बहरामपुर कलेक्ट्रेट क्लब कम्युनिटी हॉल में ओर मुर्शिदाबाद में 5 दिसंबर को सुबह 11:30 बजे । उपरोक्त स्थान पर आयोजित चर्चा बैठक में डॉक्टरों, प्रोफेसरों, वकीलों, शिक्षकों, आदिवासी समाज की विभिन्न प्रतिष्ठित हस्तियों और अन्य गतिविधियों से जुड़े सामान्य लोगों शामिल होंगे। आदिवासी लोग अपने अधिकारों लेने के लिए घूम रहे हैं। अभी सारे आदिवासी इकठ्ठा होना शुरू कर दिया है।


इससे पहले, 20 सितंबर को नादिया के कृष्णानगर, 11 अक्टूबर को बांकुरा, मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में, 16 अक्टूबर को पश्चिम बर्दवान के शिवम मैरिज हॉल (दुर्गापुर-06) और पुरुलिया में मानस सरोबर लॉज में फर्जी एसटी प्रमाणपत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था। साहेब बांध के उत्तर दिशा में जिला विज्ञान केंद्र के पास, उत्तर मिदनाजपुर, रायगंज में मोहनबती हाई स्कूल में 19 अक्टूबर को एक चर्चा बैठक आयोजित की गई थी। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये अधिवासी, सिविल सेवक और आदिवासी समाज लोग इकठ्ठा हुए थे। अभी इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि पूरे पश्चिम बंगाल में स्वदेशी लोग अब चुप नहीं रहेंगे।अब हर लोग इस फर्जी एसटी प्रमाणपत्र मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। आदिवासी लोग इस समय अपने संवैधानिक अधिकारों को समझने के लिए दृढ़ हैं। इन चर्चाओं की बैठकों में आदिवासी लोगों और आम नागरिकों का स्वतःस्फूर्त जमाव वास्तव में आँखों को भाने वाला है। संगठन के अध्यक्ष बलकाराम सरन ने कहा कि आदिवासी लोगों का भारी समर्थन और सहज भागीदारी हमारे संगठन को अधिक जीवंत बना रही है। उन्होंने हमारे प्रतिनिधियों से भी कहा कि वह जल्द ही एक बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं।